बाजरा की खेती से किसान अच्छी आमदनी कर सकते हैं। यह किसानों के लिए लाभकारी है. सही मिट्टी, बीज और उर्वरक का चयन महत्वपूर्ण है. बाजरे की खेती से स्वास्थ्य और आमदनी दोनों में फायदा होता है।
किसान बाजरे की बुवाई जुलाई से अगस्त के मध्य तक करें.
खेत में पानी निकासी की सही व्यवस्था होनी चाहिए। कृषि वैज्ञानिक डा. अनिल बैनीवाल ने बताया कि बाजरा न सिर्फ सेहत के लिए फायदेमंद है बल्कि किसानों की आमदनी बढ़ाने में भी मददगार साबित हो रहा है. उ
डा. अनिल बैनीवाल ने बताया कि बाजरे की खेती से पहले किसानों को कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए. सबसे जरूरी है मिट्टी का सही चुनाव. दोमट या बलुई मिट्टी में बाजरा सबसे अच्छा उगता है. साथ ही खेत में पानी निकासी की सही व्यवस्था होनी चाहिए. अगर आप खेती की शुरुआत करने जा रहे हैं तो मिट्टी की जांच करवाना फायदेमंद रहेगा.
कैसे करें खेत की तैयारी?
डा. बैनीवाल ने बताया कि बाजरा की बिजाई से पहले खेत को अच्छी तरह जोतना जरूरी होता है ताकि मिट्टी में नमी बनी रहे और फसल की जड़ें मजबूत बन सकें. खेत में निराई-गुड़ाई करके खरपतवार यानी बेकार घास को निकाल देना चाहिए. इससे फसल की गुणवत्ता बनी रहती है.
बुवाई का सही वक्तऔर बीज का चयन
डा. बैनीवाल ने बताया कि बाजरे की बुवाई जुलाई के मध्य से अगस्त के मध्य तक करनी चाहिए. एक हेक्टेयर जमीन के लिए 4 से 5 किलो बीज पर्याप्त होता है. बीज को बोने से पहले उपचारित करना जरूरी है ताकि बीमारी और कीटों का असर कम हो. बुवाई करते वक्त कतार से कतार की दूरी 45 सेंटीमीटर और पौधे से पौधे की दूरी 10 से 15 सेंटीमीटर रखें.
उर्वरक और खाद कैसे डालें?
अगर आप संकर किस्म का बाजरा उगा रहे हैं तो इसमें प्रति हेक्टेयर 80 से 100 किलो नाइट्रोजन, 40 किलो फॉस्फोरस और 40 किलो पोटाश की जरूरत होती है. मृदा परीक्षण के आधार पर ही खाद का सही मात्रा में प्रयोग करें ताकि फसल की गुणवत्ता बनी रहे.
कृषि वैज्ञानिक की सलाह
डा. अनिल बैनीवाल बताते हैं कि खेत में ज्यादा पानी जलभराव न होने दें क्योंकि जलभराव से फसल खराब हो सकती है. जरूरत के अनुसार सिंचाई करें और फसल की कटाई तभी करें जब बालियां पूरी तरह सूख जाएं. कटाई के बाद बाजरे को अच्छी तरह सुखाकर भंडारण करें.
इसके अलावा किसान बाजरा की उन्नत किस्में चुनें और फसल को कीट और रोगों से बचाने के लिए समय-समय पर दवा का छिड़काव करें. साथ ही फसल को जानवरों से बचाने के लिए खेत के चारों ओर बाड़ लगवाएंद्ध
