सिरसा। जननायक जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के प्रधान महासचिव राधेश्याम शर्मा ने केंद्र सरकार की ओर से पिछले दस-पंद्रह सालों पहले खरीदे गए वाहनों को सडक़ों पर न चलने देने की केंद्रीय नीति को पूंजीपतियों के हित की नीति बताया। शुक्रवार को जारी बयान में जेजेपी के वरिष्ठ पदाधिकारी राधेश्याम शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से इस सारे प्रकरण में बड़े बड़े उन पूंजीपतियों के साथ सांठगांठ नजर आती है जिनका गाडिय़ों के निर्माण का व्यवसाय है।
उन्होंने कहा कि इनमें किसानों की रीढ कहे जाने वाले ट्रेक्टरों को भी शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि किसान अपने टे्रक्टर पर वर्षभर में 10 हजार किलोमीटर भी प्रयोग नहीं करता, फिर भी उसे केंद्रीय नीति के तहत टारगेट किया जा रहा है। इसी प्रकार ट्रांसपोर्टर्स को भी निशाने पर लिया जा रहा है जबकि समूचा देश जानता है कि ये प्रतिदिन लाखों ट्रांसपोर्टर्स के माध्यम से ही आवश्यक वस्तुओं व संसाधनों का आयात निर्यात सुनिश्चित होता है। यदि इन ट्रांसपोर्टर्स को उपरोक्त नीति के तहत निशाना बनाया गया तो देश एकदम ठहर जाएगा।
उन्होंने कहा कि लाखों रुपए की कीमत के ट्रकों के लिए फिटनेस का कोई अन्य विकल्प देना चाहिए क्योंकि ट्रकों की खरीद आसान नहीं है और संचालकों के लिए उनका संसाधन ही जीवन पोषण का जरिया है। जेजेपी नेता राधेश्याम शर्मा ने कहा कि महज 10-15 सालों पूर्व खरीदे गए किसी भी वाहन का कोई भी खराब नहीं होता बशर्ते समय समय पर उसकी उचित देखभाल व रखरखाव हो। उन्होंने केंद्र सरकार से अप्रत्यक्ष रूप से पूंजीपतियों को लाभ देने वाली अपनी इस नीति को तुरंत वापिस लेने की मांग की ताकि देश के लाखों मेहनतकश लोगों को अपनी रोजी रोटी कमाने में आसानी हो।
