हरियाणा के सिरसा में बप्पा गांव स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बप्पा के प्रांगण में भारत की महान आध्यात्मिक विरासत स्वामी विवेकानंद जी की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में एक प्रार्थना सभा एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने स्वामी विवेकानंद जी के जीवन, विचारों और उनके राष्ट्र निर्माण में योगदान को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य शुभकरण शर्मा जी ने की।
अपने संबोधन में उन्होंने छात्रों को स्वामी विवेकानंद जी के विचारों को आत्मसात करने तथा जीवन में उनके सिद्धांतों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद भारतीय युवाओं के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत रहेंगे। कार्यक्रम के मध्य में अंग्रेजी प्रवक्ता एवं एनएसएस प्रभारी श्री नरेश कुमार ग्रोवर ने स्वामी जी के ऐतिहासिक 1893 के शिकागो विश्व धर्म महासभा के उस यादगार क्षण को साझा किया, जब उन्होंने “मेरे अमेरिकी भाइयों और बहनों” कहकर सभागार में बैठे हजारों लोगों के हृदय को जीत लिया था।
इस एक वाक्य में उनकी मानवता, अपनापन और भारतीय संस्कृति की आत्मा प्रतिबिंबित होती थी। उन्होंने न केवल भारत का गौरव बढ़ाया, बल्कि पूरी दुनिया में भारत की आध्यात्मिक शक्ति को स्थापित किया।इसके पश्चात उन्होंने स्वामी जी की शिक्षाओं और उनके 12 मूल सिद्धांतों पर प्रकाश डाला, जिनमें आत्मविश्वास, कर्म, राष्ट्र सेवा, शिक्षा और अध्यात्म की प्रधानता रही।
इस अवसर पर विद्यालय का समस्त स्टाफ – प्रकाश सिंह, मनीष कुमार, प्रवीण कुमार, भारत भूषण, रोहित, संदीप कुमार, प्रदीप कुमार, सुखविंदर सिंह, देशराज, दलजीत सिंह, गौरव, सुनील खुराना, ऋतु, सुनीता कोहली, रचना मेहता, सरोज मेहता, पायल, सपना, मीनू, सुरेन्द्र शास्त्री, मुंशी राम, प्रिंस छाबड़ा, विनीत बजाज आदि उपस्थित रहे और कार्यक्रम को गरिमामयी बनाया।
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को समझाना तथा स्वामी विवेकानंद जी के विचारों को जीवन में उतारने की प्रेरणा देना रहा।
