हरियाणा में परंपरागत खेती के अलावा किसान खेती के दूसरे तरीके अपनाकर भी अच्छा खासा मुनाफा कमा सकते हैं। इनमें मेहनत और पूंजी कम लगती है, लेकिन मुनाफा जबरदस्त होता है। इसी कड़ी में हरियाणा सरकार किसानों को आगे बढ़ाने के लिए कदम उठा रही है। सरकार अब किसानों को परंपरागत खेती के साथ-साथ कई दूसरी फसलों के उत्पादन के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
5 दिन का होगा प्रशिक्षण
हरियाणा बागवानी विभाग ने फैसला किया है कि वह किसानों को फूलों की खेती का प्रशिक्षण देगा। विभाग का मानना है कि इस खेती से किसानों की आमदनी में जबरदस्त इजाफा होगा। इसके लिए मार्च के पहले सप्ताह में विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जाएगा। झज्जर जिले के मुनीमपुर स्थित पुष्प एवं बीज उत्पादन प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र में फूलों की खेती का प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जाएगा। 3 से 7 मार्च तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में सिर्फ 10 चयनित किसानों को आधुनिक खेती के गुर सिखाए जाएंगे। इसके अलावा उन्हें बागवानी से जुड़ी योजनाओं से भी अवगत कराया जाएगा।
कैसे करें आवेदन
इस प्रशिक्षण में किसानों को उन्नत तकनीक के साथ-साथ इसके व्यावसायिक पहलुओं की भी जानकारी दी जाएगी। जो किसान इस प्रशिक्षण के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वे 28 फरवरी दोपहर 2:00 बजे तक बागवानी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। उसके बाद विभाग आधिकारिक वेबसाइट पर चयनित किसानों की सूची जारी करेगा। आवेदन करने वाला किसान हरियाणा का स्थायी निवासी होना चाहिए और उसकी आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
