नाथूसरी चौपटा क्षेत्र में सावन के पहले सोमवार को अच्छी बरसात हुई। सोमवार को तड़के से बरसात शुरू हो गई। इस बरसात से सावनी की फसल को संजीवनी मिली। इससे किसानों के चेहरे खिल गये हैं। वहीं लोगों को उमस भरी गर्मी से भी राहत मिली है। बरसात होने से जहां किसान धान की रोपाई कर सकेंगे। इसी के साथ ही बीटी नरमा, देसी कपास, ग्वार, बाजरे, मूंगफली की करीबन 60000 हेक्टेयर फसल को काफी फायदा होगा। सावनी की फसल का उत्पादन भी बंपर होने की उम्मीद बढ़ गई है।
राजस्थान की सीमा से सटे पैंतालिसा क्षेत्र के गांव दड़बा कलां, मानकदिवान, रूपाना, लुदेसर, रायपुर, नाथूसरी कलां, गुसाईआना, खेड़ी, कागदाना, कुम्हारिया, जमाल, बराबरी, रुपावास, गिगोरानी, रामपुरा ढिल्लों , गुड़िया खेड़ा सहित कई गांवों में सोमवार को बरसात हुई।
किसान राममुर्ति, जय सिंह, सतपाल, सत्यवान ने बताया कि तीन-चार दिन से पड़ रही गर्मी से बिरानी ग्वार व बाजरे की फसल खराब हो रही थी, इसके साथ ही बीटी नरमा देसी कपास व मूंगफली की फसल को भी सिचाई की आवश्यकता पड़ रही थी। अब बारिश होने से सिंचाई की कसर पूरी हो गई है।
