SIRSA कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अन्तर्गत फसल अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) के तहत वित वर्ष 2025-26 में धान पराली आपूर्ति श्रृंखला की स्थापना के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए है।
इच्छुक आवेदक 15 जुलाई तक विभागीय पोर्टल डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूडोटएग्री
सहायक कृषि अभियंता विजय जैन ने बताया कि यह योजना पराली आधारित उद्योगों, किसानों, एफपीओ, सहकारी समितियों और पंचायतों के लिए है। उन्होंने बताया कि 25 किलोमीटर की परिधि में स्थित इकाइयां ही योजना के लिए पात्र होंगी।
आवेदनकर्ता हरियाणा राज्य का निवासी होना चाहिए और उसका उद्योग भी हरियाणा में स्थापित होना आवश्यक है। साथ ही आवेदक के पास बैंक की सैद्धांतिक स्वीकृति और प्रस्तावित मशीनों की क्षमता 3 हजार से 4500 मीट्रिक टन प्रति सीजन होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि योजना के तहत सौ प्रतिशत पराली आधारित उद्योग, पराली उद्योग और पराली एग्रीगेटर को वरीयता दी जाएगी, जिनके बीच द्विपक्षीय समझौता हो और वे पिछले दो सालों से पराली का प्रबंधन और खरीद कर रहे हों।
उन्होंने बताया कि इस परियोजना की लागत 1 करोड़ से 1.5 करोड़ रुपए तक है। आवेदन करने के लिए दो विकल्प उपलब्ध है, प्रथम विकल्प में परियोजना लागत 65 प्रतिशत अनुदान, 25 प्रतिशत योगदान उद्योग का और 10 प्रतिशत एग्रीगेटर का होगा। इसी प्रकार द्वितीय विकल्प में 65 प्रतिशत अनुदान और 35 प्रतिशत एग्रीगेटर का योगदान शामिल है। योजना की अधिक जानकारी के लिए सहायक कृषि अभियन्ता कार्यालय सिरसा से संपर्क किया जा सकता है।
