सीनियर सिटीजन से डिजिटल ठगी होने से बचाते हुए एक बंैक के रिलेशनशिप मैनेजर ने अपनी सूझबूझ से छह करोड़ रुपये की ठगी से बचाया। साइबर ठगों द्वारा ठगी गई 64 लाख रुपये की राशि को भी उन्होंने होल्ड करा दिया। साइबर ठगों ने बुजुर्ग को अपराधिक मामले में संलिप्त होने का भय दिखाकर उसे डिजिटल अरेस्ट करके 64 लाख रुपये अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिए थे। बैंक अधिकारी को पुलिस ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
जानकारी के अनुसार 18 नवंबर 2025 को एक व्यक्ति ने पुलिस थाना साइबर अपराध पूर्व गुरुग्राम में एक शिकायत दी थी। शिकायत में कहा कि उसके पास एक फोन कॉल आयी। फोन करने वाले व्यक्ति ने अपने आपको मुंबई पुलिस का अफसर बताया। बाद में उसने अन्य लोगों से संपर्क करवाया, जो अपने आपको सीबीआई व मुंबई पुलिस के बड़े अफसर बता रहे थे। उन्होंने उसके (शिकायतकर्ता) मोबाइल नंबर व आधार कार्ड गैर कानूनी कार्य में प्रयोग होना बताकर उसके खिलाफ मुकदमा होने का डर दिखाया। उसे डिजिटल अरेस्ट करके उससे रुपए ट्रांसफर करवा लिए। इस शिकायत पर पुलिस थाना साइबर अपराध पूर्व में केस दर्ज किया गया।
पुलिस थाना साइबर अपराध पूर्व में तैनात मुख्य सिपाही कर्मवीर ने साइबर अपराधों द्वारा ठगी गई राशि को होल्ड कराने/ठगों के बैंक खातों को फ्रीज कराने के लिए तत्परता से काम किया। शिकायतकर्ता ने डर से अपने पांच करोड़ 90 लाख रुपये के म्यूचुअल फंड रिडीम करके बैंक खाते में रुपए ट्रांसफर कर लिया। यह राशि तीन दिन के अंदर बैंक खाते में ट्रांसफर होनी थी। 11 नवंबर 2025 को 20 लाख रुपये (एसबीआई गोलमुरी जमशेदपुर, झारखण्ड ब्रान्च में) व 12 नवंबर 2025 को 44 लाख रुपए (एक्सिस बैंक बांद्रा, मुम्बई ब्रांच में) सहित कुल 64 लाख रुपये ट्रांसफर करवाकर इससे ठगी कर ली।
बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर को हुआ था शक
शिकायतकर्ता का बैंक खाता एक्सिस बैंक गुरुग्राम में था। इस बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर मीत साबरवाल बैंक मैनेजर, एक्सिस बैंक शाखा गैलेरिया मार्केट गुरुग्राम को इस बैंक ट्रांजेक्शन पर संदेह हुआ। जो राशि (44 लाख रुपये) जिस बैंक खाते (शाखा बांद्रा मुंबई एक्सिस बैंक) में तथा 20 लाख रुपए (एसबीआई गोलमुरी जमशेदपुर, झारखण्ड ब्रान्च में) ट्रांसफर हुए थे, उसको बैंक मीत साबरवाल द्वारा अपनी सूझ-बूझ से 13 नवंबर 2025 होल्ड किया गया। शिकायतकर्ता व उसकी पत्नी के बैंक खाते को फ्रीज किया। 18 नवंबर 2025 को शिकायकर्ता द्वारा बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर मीत साबरवाल को फोन के माध्यम से संपर्क किया, तो पीडि़त ने डिजिटल अरेस्ट करके ठगी के बारे में बताया। फिर पीडि़त द्वारा पुलिस थाना साइबर अपराध पूर्व गुरुग्राम में शिकायत दी गई। पुलिस टीम को शिकायत मिलते ही निरीक्षक अमित कुमार प्रबंधक पुलिस थाना साइबर अपराध पूर्व के नेतृत्व में मुख्य सिपाही कर्मबीर द्वारा कार्यवाही करते हुए शिकायकर्ता के बैंक खाते से ट्रांसफर हुई राशि के संबंधित बैंक से संपर्क किया।
फ्रीज हुए खाते को अनफ्रीज का दबाव बनाता रहा ठग
मुंबई के बांद्रा स्थित बैंक मैनेजर ने बताया कि खाताधारक फोन करके उन पर दबाव बना रहा है कि उसके फ्रीज हुए बैंक खाते को अनफ्रीज/होल्ड करें। उन्हें जानकारी दी गई कि पुलिस द्वारा बैंक खाता फ्रीज कराने के लिए बैंक को मेल की जा चुकी है। इसलिए यह बैंक खाता अनफ्रीज ना करें। इस तरह से बुजुर्ग को ठगी से उन्होंने बचाया। बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर मीत साबरवाल पिछले सात साल से एक्सिस बैंक ग्लेरिया मार्केट गुरुग्राम शाखा में कार्यरत हैं। पुलिस आयुक्त विकास कुमार अरोड़ा ने बैंक रिलेशपशिप मैनेजर मीत साबरवाल को 20 हजार रुपये इनाम व प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर बैंक के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। पीडि़त बुजुर्ग से ठगी गई राशि को सुपरदारी के लिए पुलिस ने कार्यवाही कर दी है, जल्द ही वह राशि उनके बैंक खाते में रिफंड हो जाएगी।
