चोपटा प्लस न्यूज़ । हरीशचंद्र धर्मशाला नाथूसरी चोपटा में गुरु रविदास जी की 648 वीं जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई| इस अवसर पर मिठाइयां भी बांटी गई|
इस अवसर पर मुख्य वक्ता पहुंचे विक्रम इंदौरा ने कहा की गुरु रविदास ने अपना संपूर्ण जीवन लोगों में सामाजिक चेतना फैलाने के लिए समर्पित कर दिया था।
आज हमें गुरु रविदास के विचारों को घर-घर तक पहुंचाने की आवश्यकता है। रमेश भीम ने कहा कि गुरु रविदास ने कहा था मन चंगा तो कठौती में गंगा।
इससे स्पष्ट तौर पर जाहिर हो जाता है कि रविदास जी देश के सभी लोगों में मन की पवित्रता पर जोर देते थे। उनका कहना था कि व्यक्ति का अगर मन पवित्र है तो उसे कहीं जाने की आवश्यकता नहीं है।
कुलवंत सिंह ने कहा कि गुरु रविदास जी ने कहा था ऐसा चाहू राज में जहां मिले सबन को अन्न छोटे बड़े सम बसें। रविदास रहे प्रसन। रविदास जी की इस वाणी से निष्कर्ष यह निकलता है कि वह सभी के लिए समानता चाहते थे।
कुलवंत सिंह ने कहा कि गुरु जी के विचारों को घर-घर तक पहुंचाने के हम काफी वर्षों से प्रयासरत है और आने वाले समय में ग्रामीण स्तर पर लोगों में सामाजिक चेतना फैलाने का कार्य और इस मुहिम को तेज करेंगे।
विक्रम इंदौरा ने कहा कि गुरु रविदास जी के मार्ग पर चलते हुए गरीब वंचित शोषित पीड़ित लोगों में सामाजिक चेतना जगाने के लिए गांव गांव जाओ शिक्षा की अलख जगाओ कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे जिसके तहत हर गरीब व्यक्ति को शिक्षा के महत्त्व के बारे में बताया जाऐगा और जो विद्यार्थी अपनी पढ़ाई को बीच रास्ते में छोड़ कर महापुरुषों के विचारों से भटक चुका है उसे शिक्षा के मार्ग पर लाया जाऐगा|
इस अवसर पर कुलवंत सिंह, दिनेश कुमार, राजेंद्र सिंह, डॉ, राजकुमार, कृष्ण रोलन, डॉ संजय बीर्ट, अनतपाल, मास्टर रमेश, थाना चौपटा से SI भूपसिंह, पूनम, सुखदेवी मौजूद रहे।
