- चौपटा (सिरसा): कागदाना गांव के बाद अब सिरसा जिले के चौपटा क्षेत्र के गांव रामपुरा ढिल्लों में भी समाज सुधार की दिशा में बड़े कदम उठाए गए हैं। शुक्रवार को गांव की गौशाला में सर्व-समाज की एक अहम महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें गांव के हित को ध्यान में रखते हुए कई कड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए गए। इन फैसलों में किन्नर समाज की बधाई तय करने से लेकर नशा तस्करों के बहिष्कार तक के नियम शामिल हैं।
महापंचायत में यह स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई भी ग्रामीण इन नए नियमों का उल्लंघन करता है, तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
महापंचायत में लिए गए मुख्य फैसले:
- किन्नर समाज की बधाई तय: सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि गांव में विवाह या पुत्र प्राप्ति के अवसर पर किन्नर समाज को दी जाने वाली बधाई राशि मात्र 1,100 रुपये होगी।
- नशा बेचने वालों का पूर्ण बहिष्कार: यदि गांव का कोई भी व्यक्ति नशा बेचते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे पुलिस से छुड़ाने या उसकी पैरवी करने के लिए गांव का कोई भी सदस्य नहीं जाएगा।
- भिखारियों और फेरी वालों पर रोक: गांव में किसी भी प्रकार का सामान बेचने वाले बाहरी लोगों (फेरी वालों) और भिखारियों का प्रवेश पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा।
- डीजे के लिए समय सीमा: विवाह-शादियों व अन्य खुशी के अवसरों पर रात 11 बजे तक ही डीजे बजाने की अनुमति होगी। हालांकि, जिस दिन बारात आएगी, उस दिन यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।
- ट्रैक्टर डीजे और लाउडस्पीकर पर पाबंदी: गांव की फिरनी (आवासीय सीमा) के अंदर ट्रैक्टर पर डीजे बजाना सख्त मना होगा। इसके अलावा, सब्जी या अन्य सामान बेचने वालों के वाहनों पर लगे स्पीकर (लाउडस्पीकर) पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

नियम तोड़ने पर लगेगा 11,000 रुपये का जुर्माना
गांव के सरपंच रविल सिंह सिंवर ने जानकारी देते हुए बताया कि महापंचायत में मौजूद सभी ग्रामीणों ने हाथ उठाकर इन शर्तों को स्वीकार किया है और इनके पालन की शपथ ली है। नियमों की सख्ती से पालना करवाने के लिए यह भी तय किया गया है कि जो भी व्यक्ति इन शर्तों का उल्लंघन करेगा, उस पर 11,000 रुपये का आर्थिक जुर्माना लगाया जाएगा।
हर महीने होगी समीक्षा बैठक
गांव के वरिष्ठ नागरिकों ने तय किया है कि इन फैसलों की समीक्षा और गांव के अन्य मुद्दों पर चर्चा करने के लिए अब से हर महीने के अंतिम रविवार को सुबह 9 बजे गौशाला में एक नियमित बैठक का आयोजन किया जाएगा।
इस अहम बैठक में सरपंच रविल सिंह सिंवर के अलावा पूर्व सरपंच भागीरथ, युधिष्ठिर, सुरजीत, राजवीर, भजनलाल, जगदीश, मुकेश, राजेंद्र सिंह, प्रहलाद, लीलुराम, राजेंद्र गोदारा, महेंद्र सिंह, कृष्ण कुमार, गुरप्रीत सिंह, प्रधान कृष्ण कुमार, रामपाल, राममुर्ति, नंदलाल ढिल्लों, धनपत, बलवंत सिंह, जयपाल, सुभाष, सुमित, बुधराम, रामसिंह, भागमल, पीरचंद, वेदप्रकाश ढिल्लों, दयासिंह, ओमप्रकाश ढिल्लों और धर्मपाल सहित भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
