- पत्रकार छत्रपति हत्या मामले में गुरमीत राम रहीम सिंह बरी, पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट का फैसल
डेरा मुखी गुरमीत राम रहीम सिंह (Gurmeet Ram Rahim Singh) को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति (Ram Chander Chhatrapati) हत्याकांड में बड़ी राहत मिली है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने शनिवार राम रहीम को इस मामले में बरी कर दिया।
यह फैसला उस सजा के सात साल से अधिक समय बाद आया है, जिसमें 2019 में पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत ने राम रहीम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अदालत ने उन्हें 2002 में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या की साजिश में दोषी ठहराया था।
मामले में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की खंडपीठ, जिसमें मुख्य न्यायाधीश शील नागू और न्यायमूर्ति विक्रम अग्रवाल शामिल थे, ने राम रहीम की सजा को रद्द करते हुए उन्हें आरोपों से बरी कर दिया।हालांकि अदालत ने इस मामले में दो अन्य आरोपियों द्वारा दायर अपील खारिज कर दी, जिससे उनके खिलाफ निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा गया। हाईकोर्ट के विस्तृत फैसले में यह स्पष्ट होगा कि किन कानूनी आधारों पर पहले के दोषसिद्धि आदेश को पलटा गयादरअसल, सिरसा से प्रकाशित एक स्थानीय अखबार चलाने वाले पत्रकार रामचंद्र छत्रपति को अक्टूबर 2002 में उनके घर के बाहर गोली मार दी गई थी। बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
यह मामला इसलिए भी चर्चा में आया क्योंकि छत्रपति ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के खिलाफ यौन शोषण के आरोपों से जुड़ा एक पत्र प्रकाशित किया था
मामले की जांच बाद में सीबीआई को सौंप दी गई थी। लंबी जांच के बाद सीबीआई ने राम रहीम समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ हत्या की साजिश का मामला दर्ज किया था।हालांकि इस मामले में बरी होने के बावजूद राम रहीम को फिलहाल जेल से राहत नहीं मिलेगी, क्योंकि वह अन्य मामलों में सजा काट रहे हैं, जिनमें साध्वियों से दुष्कर्म से जुड़े मामले भी शामिल हैं।
