अभय सिंह चौटाला द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से लगाए गए चिट्टा बेचने के आरोप निराधार : नंदलाल बैनीवाल
चोपटा। गांव जमाल के सरपंच नंदलाल बैनीवाल ने पिछले दिनों इनैलो नेता अभय सिंह चौटाला द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से लगाए गए चिट्टा बेचने के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने गांव जमाल में अपने घर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर कहा कि अभय सिंह चौटाला ने नशा बेचने के जो आरोप लगाए हैं वह बिल्कुल निराधार हैं। नशा बेचने में उनका और उसके बेटे का कोई लेना देना नहीं है । ना नशा करते हैं । चाहे उन दोनों का डोप टेस्ट करवा लिया जाए। उन्होंने कहा कि अभय सिंह चौटाला द्वारा एक जनप्रतिनिधि पर आरोप लगाना अशोभनीय है जो व्यक्ति मुख्यमंत्री पद की दावेदारी करता है और वह एक सरपंच के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणियां करता है वह शोभा नहीं देता। एक सवाल के जवाब में नंदलाल बैनीवाल ने कहा कि उनका भतीजा नशा बेचता है तो यह आरोप भी सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि अभय सिंह चौटाला को अपने भतीजों की संभाल करनी चाहिए। ना कि दूसरों की। उन्होंने कहा की 2007 में उन्होंने अपनी जमीन बेचकर राजस्थान में जमीन खरीदी थी और वहीं जमीन वहां से बेचकर अब सवा 4 एकड़ जमीन खरीदी है ऐसा करना कोई गलत काम नहीं है। शराब बेचने के आरोप पर कहा कि इनेलो पार्टी के कार्यकर्ता उन पर झूठे आरोप लगा रहे हैं गांव से कोई भी व्यक्ति शराब बेचने के बारे में कह दे तो वह हर सजा भुगतने को तैयार हैं । एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि गांव में चोरी की वारदात बढ रही है लेकिन चोरों को छुड़वाने या मदद करने में उनका कोई हाथ नहीं है। वह खुद यह चाहते हैं कि चोरों को जल्द से जल्द पकड़कर चोरियों का पर्दाफाश किया जाए। उन्होंने कहा कि अभय सिंह चौटाला उनके चिट्टा बेचने के प्रमाण दे नहीं तो हाईकोर्ट में जाकर अभय सिंह चौटाला पर मानहानि करने का दावा करेंगे। उन्होंने कहा कि उनका परिवार हमेशा ही चौधरी देवीलाल परिवार के साथ रहा है और उनकी नीतियों का अनुसरण किया है। अब उन्होंने दुष्यंत चौटाला के साथ पार्टी को ज्वाइन कर लिया तो अभय सिंह चौटाला की नजरों में गलत हो गए। अभय सिंह चौटाला कभी पवन बैनीवाल, कभी गांधी, कभी मीनू बैनीवाल और कभी नंदलाल बैनीवाल को गलत बताते हैं । दूसरों पर आरोप लगाना कोई अच्छी बात नहीं है। चौधरी देवी लाल के परिवार की इज्जत करते हैं इसका मतलब यह नहीं कि हम कमजोर हैं और हमारी शराफत को कमजोरी ना समझा जाए। गांव के कार्यकर्ताओं के कहने पर जनप्रतिनिधि पर आरोप लगाना कोई अच्छी बात नहीं है । मैंने जमाल में नशा रोकने के लिए 15 से 20 बार बैठक आयोजित की है तथा 5 कबड्डी प्रतियोगिताओं को इसीलिए करवाया कि युवा नशे से दूर रहे । आगामी पंचायत चुनाव में उन्हें बदनाम करने की साजिश रची जा रही है । पिछले 20 सालों से जो काम में नहीं हुए हैं।


