गुटखा और तंबाकू मिला पान मसाला बेचने-रखने पर रोक, हरियाणा में एक साल का बैनगुटखा और तंबाकू मिला पान मसाला बेचने-रखने पर रोक, हरियाणा में एक साल का बैन

यमुनानगर, 14 सितंबर। हरियाणा में गुटखा, तंबाकू मिला पान मसाला, सुगंधित तंबाकू, खर्रा और इसी तरह के दूसरे तंबाकू युक्त उत्पादों पर एक साल के लिए रोक लगा दी गई है। आदेश के तहत इन उत्पादों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा। यमुनानगर में उपायुक्त प्रीति ने संबंधित विभागों को आदेश का सख्ती से पालन कराने और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

यह प्रतिबंध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 30(2)(क) के तहत लगाया गया है। हरियाणा के खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. मनोज कुमार की ओर से जारी निर्देश प्रदेशभर में लागू हैं। हरियाणा में गुटखा और तंबाकू मिले पान मसाला पर इस तरह की रोक पहली बार नहीं लगी है। राज्य में यह प्रतिबंध 2012 से लागू है और इसे समय-समय पर एक-एक वर्ष के लिए बढ़ाया जाता रहा है। हरियाणा सरकार के आधिकारिक रिकॉर्ड में भी इसकी पुष्टि की गई है।

दुकान पर रखने से लेकर बनाने तक पर रोक

आदेश का दायरा केवल बिक्री तक सीमित नहीं है। प्रतिबंधित उत्पादों को बनाना, गोदाम या दुकान में स्टॉक करना, एक स्थान से दूसरे स्थान तक वितरण करना और बेचना भी प्रतिबंध के दायरे में आएगा।

यमुनानगर प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को जिले में ऐसे उत्पादों की बिक्री और भंडारण पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। नियमों का उल्लंघन मिलने पर खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा नियमों में भी तंबाकू और निकोटीन को किसी खाद्य उत्पाद में सामग्री के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है। FSSAI के Food Safety and Standards (Prohibition and Restrictions on Sales) Regulations, 2011 के नियम 2.3.4 में तंबाकू और निकोटीन को खाद्य उत्पादों में ingredient के रूप में इस्तेमाल करने पर रोक है।

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क्या सिगरेट और बीड़ी भी इस बैन में शामिल हैं?

मौजूदा आदेश को पूरे हरियाणा में हर तरह के तंबाकू उत्पाद की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं समझना चाहिए।

जिला प्रशासन की ओर से जारी जानकारी में जिन उत्पादों का स्पष्ट उल्लेख है, उनमें गुटखा, तंबाकू मिला पान मसाला, सुगंधित या सुवासित तंबाकू, खर्रा और इसी तरह के तंबाकू युक्त खाद्य उत्पाद शामिल हैं।

इस आदेश में सिगरेट और बीड़ी का नाम नहीं दिया गया है। इसलिए इसी आदेश के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि प्रदेश में सिगरेट और बीड़ी की बिक्री पूरी तरह बंद कर दी गई है।

रोक केवल यमुनानगर में नहीं, पूरे हरियाणा के लिए

यमुनानगर उपायुक्त ने जिले में आदेश लागू कराने के निर्देश दिए हैं, लेकिन मूल प्रतिबंध हरियाणा के खाद्य सुरक्षा आयुक्त की ओर से प्रदेश स्तर पर लगाया गया है।

राज्य सरकार के आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार हरियाणा में गुटखा और पान मसाला के निर्माण, बिक्री और भंडारण पर रोक 15 अगस्त 2012 से लागू की गई थी और इसे हर वर्ष आगे बढ़ाया जाता रहा है।

उपायुक्त प्रीति ने लोगों से तंबाकू उत्पादों का सेवन नहीं करने और बच्चों व परिवार के सदस्यों को इनके नुकसान के बारे में जागरूक करने की भी अपील की है।

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