सिरसा, 9 सितंबर। हरियाणा स्टेट पेंशनर्स समाज की नाथूसरी चौपटा में हुई ब्लॉक स्तरीय बैठक में पेंशनर्स ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। राज्य उपप्रधान गुरदीप सैनी ने कहा कि सरकार पेंशनर्स की मांगों पर जल्द फैसला करे, अन्यथा संगठन आंदोलन करने को मजबूर होगा।
बैठक की अध्यक्षता गुरदीप सैनी और जिला अध्यक्ष राजेंद्र मोहन गुप्ता ने की। जिला अध्यक्ष ने कहा कि पेंशनर्स लंबे समय से अपनी मांगों के समाधान का इंतजार कर रहे हैं। बैठक में पेंशन, एलटीसी, मेडिकल सुविधा, कॉम्यूटेशन और आठवें वेतन आयोग से जुड़ी 10 प्रमुख मांगें सरकार के सामने रखी गईं।
मेडिकल भत्ता 5000 रुपये करने और कैशलेस इलाज की मांग
पेंशनर्स समाज ने मेडिकल भत्ता मौजूदा 1000 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये करने की मांग की है। इसके साथ सभी बीमारियों के इलाज के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा लागू करने की मांग भी रखी गई।
हरियाणा में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए कैशलेस हेल्थ सुविधा की व्यवस्था मौजूद है। राज्य के आधिकारिक पोर्टल पर पेंशनर्स के कार्ड बनाने की प्रक्रिया और पैनल अस्पतालों की सूची उपलब्ध है। पेंशनर्स संगठन की मांग है कि इसका दायरा सभी बीमारियों तक किया जाए।
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65, 70 और 75 साल पर पेंशन बढ़ाने की मांग
बैठक में उम्र बढ़ने के साथ अतिरिक्त पेंशन देने का मुद्दा भी उठाया गया। संगठन ने मांग रखी कि 65 वर्ष की उम्र के बाद पेंशन में 5 प्रतिशत, 70 वर्ष पर 10 प्रतिशत और 75 वर्ष की उम्र पूरी होने पर 15 प्रतिशत बढ़ोतरी की जाए।
इसी तरह की मांग हरियाणा के दूसरे जिलों में हुई पेंशनर्स की बैठकों में भी उठ चुकी है। इससे साफ है कि उम्र के अनुसार अतिरिक्त पेंशन और मेडिकल सुविधाएं इस समय पेंशनर्स संगठनों की प्रमुख मांगों में शामिल हैं।
ये हैं पेंशनर्स की 10 प्रमुख मांगें
- वैलिडेशन एक्ट 2025 को रद्द किया जाए।
- पुरानी एलटीसी योजना दोबारा लागू की जाए।
- 65, 70 और 75 वर्ष की उम्र के बाद क्रमशः 5, 10 और 15 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन दी जाए।
- मेडिकल भत्ता 1000 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये किया जाए।
- फैमिली पेंशनर्स को भी एलटीसी का लाभ दिया जाए।
- कोरोना काल में रोका गया 18 महीने का बकाया ब्याज सहित दिया जाए।
- सभी बीमारियों के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा लागू की जाए।
- आठवें वेतन आयोग में परिवार की गणना तीन के बजाय माता-पिता को शामिल कर पांच सदस्यों के आधार पर की जाए।
- सरकारी कर्मचारियों की पेंशन को आयकर से मुक्त किया जाए।
- कॉम्यूटेशन की राशि की कटौती 15 वर्ष के बजाय 11 वर्ष में पूरी की जाए।
पेंशनर्स समाज का कहना है कि ब्याज दरों में कमी के कारण कॉम्यूटेशन की रिकवरी अवधि भी कम की जानी चाहिए।
बैठक में राजेश मल्होत्रा, जगमिंदर सिंह, अरबेल सिंह, बृजेश मिश्रा, प्रमोद मोहन शर्मा, श्रीराम निरानिया, दलबीर भांभू और अजीत सिंह रंगा ने भी विचार रखे। इस दौरान नीलकंठ शास्त्री, राज सिंह सांगा, रघुवीर सिंगला, सुशील बागड़ी और महेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में पेंशनर्स मौजूद रहे।

