सिरसा सीडीएलयू नशा मुक्ति जागरूकता शिविरसिरसा सीडीएलयू नशा मुक्ति जागरूकता शिविर

सिरसा, 13 अक्टूबर। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय (सीडीएलयू) सिरसा के मनोविज्ञान विभाग में मंगलवार को नशा मुक्ति, तंबाकू सेवन रोकने और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता शिविर लगाया गया। इसमें सिविल अस्पताल सिरसा के मेडिकल सोशल वेलफेयर ऑफिसर कंवर सिंह और पुलिस विभाग से महिला कांस्टेबल पिंकी ने विद्यार्थियों को नशे के नुकसान बताए। साथ ही जानकारी दी कि नशे की लत से परेशान युवा मानस सेवा के जरिए मदद ले सकते हैं, जबकि नशे का कारोबार करने वालों की सूचना पुलिस और संबंधित हेल्पलाइन पर दी जा सकती है।

कार्यक्रम में कंवर सिंह ने बताया कि नशे की लत युवाओं की पढ़ाई, सेहत और मानसिक स्थिति पर बुरा असर डाल सकती है। उन्होंने मानसिक तनाव और आत्महत्या जैसे गंभीर विषयों पर भी विद्यार्थियों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि ऐसी समस्याओं को छिपाने के बजाय समय रहते मदद लेना जरूरी है।

मानस एप और हेल्पलाइन से कैसे मिलेगी मदद?

कंवर सिंह ने विद्यार्थियों को मानस के जरिए नशे से जुड़ी समस्याओं के लिए मदद लेने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि युवा अपनी परेशानी साझा कर सकते हैं और उन्हें उचित मार्गदर्शन मिलेगा।

केंद्र सरकार की राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन मानस (MANAS) पर 1933 नंबर से संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा मानस पोर्टल और उमंग एप के जरिए भी नशे से जुड़ी जानकारी दी जा सकती है। इस सेवा पर नशे के अवैध कारोबार की गोपनीय सूचना देने के साथ नशा छुड़ाने के लिए काउंसलिंग और इलाज संबंधी मार्गदर्शन भी लिया जा सकता है।

वहीं मानसिक तनाव, चिंता या आत्महत्या के विचार आने जैसी परेशानी में सरकारी टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 पर मुफ्त काउंसलिंग मिलती है।

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नशा बेचने वालों की सूचना पुलिस को दे सकते हैं विद्यार्थी

कार्यक्रम में महिला कांस्टेबल पिंकी ने बताया कि नशे के अवैध कारोबार को रोकने के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें काम कर रही हैं। कोई भी व्यक्ति नशा बेचने या सप्लाई करने वालों की जानकारी पुलिस को दे सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखने का प्रयास किया जाता है और मिली जानकारी के आधार पर पुलिस कार्रवाई करती है।

नशे के अवैध कारोबार की सूचना राष्ट्रीय मानस हेल्पलाइन 1933 पर भी दी जा सकती है। पुलिस की तत्काल मदद की जरूरत होने पर 112 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।

कार्यक्रम में मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. संजू बाला ढुल विशेष रूप से मौजूद रहीं। कार्यक्रम की संयोजक समृद्धि कंबोज, सहसंयोजक परविंदर सिंह, मीनू कुमारी और अंजलि सहित अन्य विभागों के विद्यार्थियों ने भी हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने दोनों वक्ताओं से सवाल पूछकर नशे से बचाव, मानसिक स्वास्थ्य और मदद लेने के तरीकों की जानकारी ली।

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