Sirsa News: ग्रामीण उद्यमिता की मिसाल बने कमलकांत, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना से मिला व्यवसाय विस्तार का सहारा success story
लकड़ी के कोल्हू से प्राकृतिक तेल ने कमलकांत को दिलाई अलग पहचान, 40 लाख रुपये तक पहुंचा कारोबार
सिरसा, 1 अक्टूबर 2026। success story ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को सरकारी योजनाओं का सहारा मिलने से स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। मंडी डबवाली निवासी कमलकांत ने भी इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए ‘ऑर्गेनिक नेचुरल एग्रो’ के नाम से अपना व्यवसाय स्थापित किया है। लकड़ी के कोल्हू से प्राकृतिक तरीके से तेल तैयार करने वाले इस उद्यम ने उन्हें अलग पहचान दिलाई है। sirsa news
कमलकांत ने बताया कि उन्होंने शुरुआत लकड़ी के कोल्हू से कोल्ड प्रेस्ड तेल निकालने के कार्य से की थी। कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के तहत वित्तीय सहायता और बैंक ऋण का लाभ लिया। उनके अनुसार, उन्हें करीब 12 लाख रुपये की सहायता मिली, जिसके बाद उन्होंने उत्पादन, विपणन और व्यवसाय से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार किया।
लकड़ी के कोल्हू से तैयार होता है तेल
कमलकांत के उद्यम ‘ऑर्गेनिक नेचुरल एग्रो’ में लकड़ी के कोल्हू की पारंपरिक पद्धति से तेल निकाला जाता है। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में तेल को अत्यधिक गर्म करने से बचने का प्रयास किया जाता है, जिससे उत्पाद के प्राकृतिक गुणों को बनाए रखने में मदद मिलती है।
पारंपरिक तरीके से तैयार किए जा रहे तेलों के कारण ग्राहकों के बीच उनके उत्पादों की मांग बढ़ी है। कारोबार बढ़ने के साथ उनकी इकाई में रोजगार के अवसर भी पैदा हुए हैं।
8 लोगों को मिला रोजगार, 40 लाख तक पहुंचा कारोबार
कमलकांत के अनुसार, वर्तमान में उनकी इकाई में 8 कर्मचारी कार्यरत हैं। कारोबार बढ़ने के साथ उनकी इकाई का वार्षिक कारोबार करीब 40 लाख रुपये तक पहुंच गया है।
इस तरह यह उद्यम केवल कमलकांत के लिए आय का माध्यम नहीं बना, बल्कि स्थानीय स्तर पर अन्य लोगों के लिए भी रोजगार का जरिया बना है।
ऑनलाइन बिक्री से देशभर में पहुंच रहे उत्पाद
कमलकांत ने बताया कि व्यवसाय विस्तार के साथ उन्होंने अपने उत्पादों की बिक्री के लिए ऑनलाइन माध्यम का भी इस्तेमाल शुरू किया। इससे स्थानीय बाजार के बाहर ग्राहकों तक पहुंच बनाने में मदद मिली।
उनके अनुसार, उनके उत्पाद दिल्ली, चंडीगढ़ और गुरुग्राम सहित देश के विभिन्न शहरों और राज्यों में ग्राहकों तक पहुंच रहे हैं। ऑनलाइन बिक्री बढ़ने से उनके कारोबार का बाजार भी लगातार विस्तारित हुआ है।
कमलकांत ने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में सहयोग मिलने पर सरकारी योजना के प्रति आभार व्यक्त किया।
खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े कारोबार को मिल रहा प्रोत्साहन
सिरसा जिले में खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े छोटे उद्यमियों को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के माध्यम से अपने कारोबार को स्थापित और विस्तारित करने के अवसर मिल रहे हैं।
इस क्षेत्र में डेयरी, बेकरी, फल-सब्जी प्रसंस्करण और अन्य खाद्य उत्पादों से जुड़े उद्यम शामिल हैं। योजना का उद्देश्य सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को औपचारिक रूप देने और उनके व्यवसाय को मजबूत करने में सहायता करना है।
जिला स्तर पर युवाओं और उद्यमियों से अपील की गई है कि वे पात्रता के अनुसार योजना की जानकारी लेकर खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में नया व्यवसाय शुरू करने या मौजूदा व्यवसाय का विस्तार करने का प्रयास करें।
क्या है PMFME योजना?
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना यानी PMFME Scheme सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को समर्थन देने के लिए शुरू की गई केंद्र सरकार की योजना है। इसके तहत पात्र उद्यमियों को व्यवसाय के उन्नयन, औपचारिकरण, प्रशिक्षण, ब्रांडिंग और विपणन जैसे क्षेत्रों में सहायता मिलने का प्रावधान है।
आपके उपलब्ध विवरण के अनुसार, योजना के तहत पात्र उद्यमियों के लिए परियोजना लागत का 35 प्रतिशत, अधिकतम 10 लाख रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान बताया गया है। वास्तविक पात्रता और सहायता परियोजना तथा संबंधित दिशा-निर्देशों के आधार पर निर्धारित होती है।

कमलकांत की कहानी क्यों खास है?
कमलकांत की कहानी यह दिखाती है कि पारंपरिक खाद्य प्रसंस्करण पद्धति को आधुनिक बाजार, ऑनलाइन बिक्री और व्यवसाय विस्तार के साथ जोड़ा जाए तो ग्रामीण क्षेत्र में भी उद्यम को बड़े बाजार तक पहुंचाया जा सकता है। लकड़ी के कोल्हू से तेल निकालने के पारंपरिक तरीके को उन्होंने अपने व्यवसाय की पहचान बनाया और धीरे-धीरे रोजगार तथा बाजार दोनों का विस्तार किया।
FAQ: कमलकांत और लकड़ी के कोल्हू से तेल का कारोबार
1. कमलकांत ने कौन-सा व्यवसाय शुरू किया है?
कमलकांत ने मंडी डबवाली में ‘ऑर्गेनिक नेचुरल एग्रो’ नाम से लकड़ी के कोल्हू से प्राकृतिक तरीके से तेल तैयार करने का व्यवसाय शुरू किया है।
2. कमलकांत को किस सरकारी योजना का लाभ मिला?
उन्होंने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के तहत वित्तीय सहायता और बैंक ऋण का लाभ लेकर अपने व्यवसाय का विस्तार किया।
3. कमलकांत को कितनी सहायता मिली?
उनके अनुसार, उन्हें करीब 12 लाख रुपये की सहायता मिली, जिसका उपयोग व्यवसाय के विस्तार, उत्पादन और विपणन सुविधाओं को मजबूत करने में किया गया।
4. कमलकांत की इकाई में कितने लोग काम करते हैं?
वर्तमान में उनकी इकाई में 8 कर्मचारी कार्यरत बताए गए हैं।
5. कमलकांत के व्यवसाय का वार्षिक कारोबार कितना है?
उनके अनुसार, उनके व्यवसाय का वार्षिक कारोबार करीब 40 लाख रुपये तक पहुंच गया है।
6. लकड़ी के कोल्हू से तेल कैसे निकाला जाता है?
लकड़ी के कोल्हू में तेल वाले बीजों को पारंपरिक तरीके से दबाकर तेल निकाला जाता है। इस प्रक्रिया में अत्यधिक गर्म करने से बचने का प्रयास किया जाता है।
7. कमलकांत के उत्पाद कहां बिक रहे हैं?
उनके अनुसार, ऑनलाइन माध्यम के अलावा दिल्ली, चंडीगढ़, गुरुग्राम और देश के अन्य शहरों में भी उनके उत्पाद ग्राहकों तक पहुंच रहे हैं।
8. PMFME योजना में कितनी सब्सिडी का प्रावधान है?
उपलब्ध योजना विवरण के अनुसार पात्र उद्यमियों के लिए परियोजना लागत का 35 प्रतिशत, अधिकतम 10 लाख रुपये तक की क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी का प्रावधान है। पात्रता और स्वीकृति संबंधित नियमों के अनुसार होती है।
9. खाद्य प्रसंस्करण का व्यवसाय शुरू करने वालों को क्या करना चाहिए?
इच्छुक उद्यमियों को अपनी पात्रता, परियोजना और वित्तीय आवश्यकताओं के अनुसार PMFME योजना तथा संबंधित जिला कार्यालय से जानकारी लेकर आवेदन प्रक्रिया आगे बढ़ानी चाहिए।
10. सिरसा में खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े कौन-कौन से व्यवसाय किए जा सकते हैं?
डेयरी, बेकरी, फल-सब्जी प्रसंस्करण, तेल प्रसंस्करण और अन्य खाद्य उत्पादों से जुड़े सूक्ष्म उद्योग इस क्षेत्र में संभावित व्यवसाय हो सकते हैं। व्यवसाय शुरू करने से पहले स्थानीय मांग, कच्चे माल, लागत और बाजार की जांच करना जरूरी है।

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