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चौपटा। गांव अरनियांवाली स्थित स्वामी विवेकानंद सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शाह सतनाम जी कॉलेज ऑफ एजुकेशन सिरसा के तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2022 की थीम जेंडर इक्वालिटी टुडे फॉर ए सस्टेनेबल टुमारो पर आधारित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कांता खोथ, कृष्णा डूडी पूर्व सरपंच ने किया। इस दौरान बतौर विशिष्ट अतिथि श्रीमति कुलवंत बैनीवाल एमडी डिफेंस एकेडमी , प्रदीप मंदार सरपंच , चेयरमैन निहाल सिंह खोथ स्वामी विवेकानंद सीनियर सेकेंडरी स्कूल , रामकिशन एमडी ने शिरकत की ।मंच का संचालन कॉलेज के सहायक प्रोफेसर डॉ. प्रेम कुमार वर्मा व हरपाल कौर ने किया। इन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2022 की थीम जेंडर इक्वालिटी टुडे फॉर ए सस्टेनेबल टुमारो थीम का अर्थ है एक स्थाई और समान कल के लिए समाज में लैंगिक समानता जरूरी है।
कॉलेज प्रशासिका डॉ. चरणप्रीत कौर ने संबोधित करते हुए कहा कि हमें अपनी संस्कृति ,संस्कारों व नैतिक मूल्यों को नहीं भूलना चाहिए । अगर नारी को सशक्त बनाना है तो इसकी शुरुआत घर से ही करनी होगी। घर से ही हमें लड़कियों को मजबूत बनाना है और निर्णय लेने की स्वतंत्रता देनी चाहिए । उन्होंने कहा कि हमें अपने अधिकारों से साथ-साथ कर्तव्यों का पालन करना चाहिए। कॉलेज के सहायक प्रोफेसर संदीप सिंह ने कहा कि औरतों को अपनी काबिलियत पर भरोसा करना चाहिए ।अपनी शिक्षा अपने हुनर को गहना मानती हो, अपने हुनर की इज्जत करती हो। कपड़े गहनों से नहीं गुणों से भरपूर बनो। डॉ.रणजीत सिंह ने इस अवसर पर अपने विचार रखते हुए कहा कि महिलाओं को कौशल विकास की शिक्षा देना।महिला सशक्तिकरण की आवश्यकता किन कारणों से है।उन्हें अच्छी शिक्षा देकर कौशल युक्त शिक्षा देकर उनका उत्थान किया जा सकता है।दिव्या सेठी बी.एड. प्रथम वर्ष ने विश्व सुंदरी हरनाज सिद्धू , नेहा सैनी रानी लक्ष्मीबाई, अमनदीप कौर डी.एल.एड. प्रथम वर्ष कल्पना चावला,रीतिका जयललिता,कोमल बी.एड. द्वितीय वर्ष सरोजिनी नायडू ,लवप्रीत रजिया सुल्ताना की प्रस्तुति देकर महिलाओं सशक्त और उनकी भागीदारी के बारे में बताया। बी.एड.की छात्रा ने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि अनपढ़ परिवार की कोई महिला उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकती हैं जब उसमें आगे बढऩे का जज्बा हो।केएल थियेटर के द्वारा लघु नाटक आवाज के माध्यम से समाज में फैली कुरूतियों व किस प्रकार रिश्ते कंलकित हो रहे हैं।
लघु नाटक के द्वारा बहुत ही शानदार तरीक़े से दर्शाया गया।कार्यक्रम के समापन समारोह पर कॉलेज प्राचार्या डॉ.रजनी बाला ने सभी अतिथियों का अभिनंदन व धन्यवाद करते हुए कहा कि आज का कार्यक्रम जिन उद्देश्यों को लेकर मनाया गया है उसका मतलब महिलाओं को जागरूक करना है।समाज न पुरूष के बिना और न महिला के बिना चल सकता। आज का दिन हमें याद दिलाता है महिलाओं का आदर करें और आगे बढऩे के लिए प्रेरित करे।कार्यक्रम के अंत में स्वामी विवेकानंद स्कूल की प्राचार्या कांता खोथ ने कहा कि आकार व संस्कार देने वाली नारी को मैं नमन करती हूं ।पुरुष और महिला गाड़ी के दो पहिये है ।
जो एक दूसरे के बिना समाज व जीवन आगे नहीं बढ़ सकता।इसलिए हमें एक दूसरे का सम्मान करना चाहिए। शाह सतनाम जी कॉलेज आफ एजुकेशन का विद्यालय की और से बहुत -बहुत धन्यवाद करती हूँ कि उन्होंने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से स्कूल के छात्रों का मनोरंजन व उत्साहवर्धन किया।
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