राजस्थान की सीमा से लगते 15 गांव में 2 दिन से टिड्डी दल मचा रहा उत्पात, फसलों को नुकसान, किसान परेशान
Developed by Mukesh Gusaiana
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टिड्डी दल का नाम सुनते ही दौड़ पड़ते हैं किसान बच्चे, बूढ़े, महिलाएं और जवान हाथों में पीपे थालियां व शोर करने वाले यंत्र बजाने लगते हैं।
चोपटा। राजस्थान की सीमा से लगते हरियाणा के सिरसा जिले के नाथूसरी चौपटा क्षेत्र के गांव जमाल, कुत्तियाना, बरासरी, जोडकिया, हंजीरा, गुसाई आना, खेड़ी, कुम्हारिया, कागदाना, रामपुरा बगड़िया, चाहरवाला, जोगी वाला सहित कई गांव में टिड्डी दल के उत्पात से किसानों की नींद उड़ा रखी है। टिडिया खेतों में खड़ी नरमा, कपास, ग्वार, बाजरे, मूंगफली की फसल को चट कर रही है। उधर कृषि विभाग द्वारा मंगलवार रात को जमाल में टिड्डी दल पर दवा का छिड़काव करके काबू करने का प्रयास किया गया। टिड्डी दल के सक्रियता को देखते हुए ऐसा लगता है कि किसान व कृषि विभाग डाल-डाल तो टिड्डी दल पात पात घूम रहा है।लेकिन सुबह होते ही करीब 4 किलोमीटर मैं फैला टिड्डी दल फिर से सक्रिय हो गया। दूसरी तरफ निकटवर्ती राजस्थान के खचवाना व भरवाना गांवों की तरफ से एक टिडियों का झुंड आकर खेड़ी के खेतों में प्रवेश कर गया। वहां से किसानों के भगाने पर कुम्हारिया, कागदाना ,रामपुरा बगड़िया ,चाहरवाला, जोगीवाला में पूरे दिन एक टीडी दल उत्पात मचाता रहा। गांव में किसानों को ज्यों ही सूचना मिलती है कि टिड्डी दल आ गया तो घरों से बच्चे, बूढ़े, महिलाएं, जवान सभी अपने हाथों में थाली, पीपे, ढोल इत्यादि शोर करने वाले यंत्र लेकर खेतों की तरफ दौड़ पड़ते हैं और जहां भी टीडी दल दिखाई देता है वहीं बजाने लगते हैं। किसान यह भी नहीं देख रहे कि किसका खेत है, अपने खेतों की सुध बुध भूल टिड्डी दलों को भगाने में मशगूल रहते हैं। किसान रामकुमार, महेंद्र सिंह, जगदीश, विनोद कुमार राजाराम, रघुवीर सिंह, सुभाष चंद्र, सुनील कुमार राजीव ने बताया कि 2 दिनों से बार-बार टीडी दल आकर गवार, बाजरे, कपास, नरमा, मूंग व मूंगफली की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं इनका कहना है कि सरकार व कृषि विभाग वाह वाही लूटने में लगा हुआ है कि 70% टिडियों को खत्म कर दिया लेकिन पिछले 2 दिनों से टिडियों की सक्रियता को देखते हुए लगता है कि इस बार तो फसल बिल्कुल ही बर्बाद हो जाएगी। इनका कहना है कि खेतों में हेलीकॉप्टर से दवा का छिड़काव करवाकर टीडी दल को खत्म किया जाए व ड्रोन आदि से कि टिड्डि दल की निगरानी की जाए। तब तो इस बार फसल बच सकती है वरना तो लगातार घाटे का सौदा बनती जा रही खेती किसानों को पूरी तरह बर्बाद कर देगी। गांव के खेतों में दिन में एक बार नहीं टीडी दल बार-बार आकर परेशानी पैदा कर रहा है किसान एक बार टीडी दल को भगाते है तो दूसरा टीडी दल खाकर फसलों पर आक्रमण कर देता है।कृषि विभाग के एसडीओ सतवीर सिंह,, एडीए कृष्ण कुमार, खंड कृषि अधिकारी डॉ श्रवण कुमार, कृषि विकास अधिकारी बहादर सिंह, नत्थू राम सहित 10 टीमें टीडी दल को नियंत्रण करने में लगी रही।

